नारायण नारद से कहिय
नारायण नारद से कहिय
सत्य नारायण ध्यान धरो
मेरी घट में जो ब्रम्ह रहे,
सो सत्य नारायण ध्यान धरो
जो पद जो घट घटमें जाने,
सो जन्म बैकुण्ठ बास करे
सङ्ख चक्र गदा पद्म बिराजे,
गलामँ तुलसीको माला भरे
पाठ बैजनी छम छम बजे,
बिशाल नेत्र दया करे
मोर मुकुट पिताम्बर पहिरे,
कानमें कुण्डल ज्योति भरे
श्वेत रूप अति सुन्दर शोभा,
नख ज्योति सशी भानु भरे
कदली धृत धुप पन्चामृत,
सब कप बान नैबेध चढाए
सो महा प्रशाद भाग्य से पावे,
भक्ति मुक्ति के राह बनी है
दुखिया ब्राम्हण उल्का मुखी राजा,
साधु बनिया दया सो करीगो
हे राजा बंश धोजा नामसे,
तरी गयो बखत भक्त पार कृपा करो
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